मैं तेरे और भी बहुत करीब आना चाहता हूँ,
तेरी धड़कन बन रूह में समाना चाहता हूँ,
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तू भी कर लेना मुझे अपने वजूद में शामिल,
क्योंकि मैं तेरी साँसों में बस जाना चाहता हूँ,
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जो प्यार के गीत मैं अब तक गुनगुनाता था,
अब वही मैं तेरे होंठों पर सजाना चाहता हूँ,
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तेरी बाँहों में ही रुखसत होऊं इस दुनिया से,
क्योंकि हर जनम में मैं तुझे ही पाना चाहता हूँ........
*****सौरभ शर्मा*****
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